किचन गार्डन कैसे बन सकता है आपका अपना 'क्लीनिक'! Kitchen Garden Your Own 'Clinic'!


किचन गार्डन कैसे बन सकता है आपका अपना 'क्लीनिक'! Kitchen Garden Your Own 'Clinic'!

 

Kitchen Garden Your Own 'Clinic'!

सुनने में यह निश्चित आपको अजीब लगेगा लेकिन यह सच है, जी हां! ऐसी कई बीमारियां है जो आप अपने यहां किचन गार्डन लगाकर दूर रख सकते हैं। यह कोई आज की बात नहीं है, बल्कि हर्बल दवाइयों का एक्जिस्टेंस(Existence) सदियों से रहा है। इस पर ढेर सारी रिसर्च भी हुई है। आयुर्वेद को अगर आप ध्यान से देखें तो पाएंगे कि यह हर्बल मेडिसिन ही तो है। जड़ी बूटियां जिनमें अन्य पौधों के साथ-साथ आपको घरेलू पौधे भी बहुत मिलेंगे जैसे लहसुन, प्याज, धनिया, टमाटर, तुलसी पत्ता आदि। 

तो आइए जानते हैं कि अपने किचन गार्डन में वह कौन सी औषधियां उगा सकते हैं जिससे आपकी दवाओं की जरूरत भी पूरी हो सकती है। 

तुलसी (Basil)
यह सबसे पहला पौधा है, जो आपको हर घर में मिल जाएगा। अपने किचन गार्डन में आप इसे आसानी से उगा सकते हैं या फिर अपनी बालकनी में इसे जरूर लगा सकते हैं। आपको बता दें कि तुलसी के रस में थाइमोल नामक एलिमेंट पाया जाता है और इससे आपकी स्किन डिजीज में काफी फायदा होता है। ना केवल स्किन बल्कि आपकी मेमोरी पावर, हार्ट प्रॉब्लम्स, कफ, सांस आदि के रोग, खून की कमी, खासी, जुखाम और दांत तक के रोगों में आपको तुलसी का पत्ता लाभ देता है। 

यहां तक कि किडनी के पथरी में अगर आप तुलसी की पत्तियों को उबालकर शहद के साथ काढ़ा बनाकर कुछ महीनों तक अगर आप सेवन करते हैं तो आपकी पथरी मूत्र मार्ग से निकल जाती है। खून में बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है। यह भी कहते हैं कि अगर आप तुलसी की पत्तियों का रस निकालने और उसमें उतना ही नींबू का रस मिलाएं और रात को चेहरे पर लगाएं तो आपके चेहरे की इतना केवल फुंसियां ठीक होती है बल्कि झाइयां इत्यादि भी दूर होती है। 

कई लोग यह भी मानते हैं कि तुलसी के सेवन से थकान दूर होती है, तो ध्यान रहे अब अपने छत पर या अपनी बालकनी में तुलसी का पौधा रखना ना भूलें। 


लहसुन (Garlic)
जी हां! लहसुन के बारे में भला कौन नहीं जानता। यह एक बेहद कीमती औषधि है, जो हर व्यक्ति को किसी ना किसी रूप में लाभ पहुंचाती है। अगर आप सूखे लहसुन की 15 कलियां लेकर आधा लीटर दूध और 4 लीटर पानी को एक साथ उबालकर थोड़ी देर छोड़ दें और इस पानी को हार्ट पेशेंट को दें तो उन्हें आराम मिलेगा। इतना ही नहीं लहसुन की कच्ची कलियां चबाने पर भी उन्हें लाभ मिलता है। 

अगर घर में आपके बच्चों को पेट में कीड़े की शिकायत है, तो लहसुन की कच्ची कलियों का जूस निकाल कर एक गिलास दूध में मिलाकर दें पेट के तमाम कीड़े निश्चित तौर पर बाहर निकल जाएंगे। अगर आप रोजाना लहसुन खाते हैं, तो आपके विकार दूर होते हैं। अगर कोई चोट लगी है, तो लहसुन की कलियों को पीसकर उबालें और चोट पर लेप करें यकीन करें आपका घाव तुरंत ठीक होना शुरू हो जाएगा। हाई ब्लड प्रेशर वालों को भी सुबह-सुबह लहसुन की कच्ची कली चबाने की सलाह दी जाती है।

 तो क्या कहते हैं, अपने किचन गार्डन में, अपने छत पर या अपनी बालकनी में आप लहसुन आसानी से उगा सकते हैं, बल्कि पीवीसी पाइप में भी आप इसे उगा सकते हैं। 


प्याज (Onion) 
प्याज भी बेहद लाभकारी होता है। आप इसे मार्केट से तो ले ही सकते हैं, लेकिन आप इसे अपने किचन गार्डन में भी आसानी से उगा सकते हैं। पीवीसी पाइप में प्याज कैसे उगाए इसे आप इस लेख में अवश्य पढ़ें। वास्तव में प्याज काफी फायदेमंद होगा। आप प्याज के बीजों को सिरका में पीसकर लगाते हैं तो दाद खाज खुजली में आपको राहत मिलती है। इतना ही नहीं प्याज के रस को सरसो के तेल में मिलाकर जोड़ों पर मालिश करने से आपको इसमें आराम मिलता है। 

अगर घर में बूढ़ों और बच्चों को कफ हो जाए तो प्याज के रस में मिश्री मिलाकर चटाएं, इससे निश्चित तौर पर फायदा मिलेगा।  साथ ही मसूड़ों की सूजन और दर्द में भी प्याज का रस और नमक का मिश्रण फायदा पहुंचाता है। हार्ट पेशेंट के लिए भी यह काफी फायदेमंद होता है।  कहा तो यह भी जाता है कि प्याज के सफेद कंद का रस शहद अदरक का रस और घी के साथ 21 दिनों तक लगातार लेने से नपुंसकता दूर होती है और मनुष्य पुरुषत्व को प्राप्त होता है। 


धनिया (Coriander)
इसके बारे में भला कौन नहीं जानता है, और कौन नहीं होगा जो सब्जी में धनिया का स्वाद नहीं लेता होगा। इतना ही नहीं कई लोगों को धनिया की चटनी भी खासी पसंद होती है, तो अब आप इसे अपने किचन गार्डन में उगा सकते हैं।  पीवीसी पाइप में या छोटा ग्रो बैग लेकर आप उसमें आसानी से धनिया उगा सकते हैं। धनिया किस प्रकार से आप अपने छत पर उगा सकते हैं, इसे आप इस लेख में अवश्य पढ़ें। 


अब अगर इस के औषधि गुण की बात की जाए तो हरे ताजे धनिया की पत्तियां तकरीबन 20 ग्राम लें और उसमें चुटकी भर कपूर मिलाकर पीस लें इसका रस छान कर इसकी दो बूंदे नाक के छिद्रों में दोनों तरफ टपकाने  से तथा रस को माथे पर लगाकर हल्का-हल्का मलने से नाक से निकलने वाला खून बंद हो जाता है। अगर आपको जानकारी नहीं है तो आपको बता दें कि इसे ही नकसीर कहा जाता है। बताते हैं कि धनिया महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी समस्याओं को भी दूर करता है, इसके लिए आधा लीटर पानी में तकरीबन 6 ग्राम धनिया के बीज डालकर उबालना है और इसमें शक्कर डालकर पीना है। 

ध्यान दीजिए धनिया को शुगर कंट्रोल करने योग्य भी माना जाता है, क्योंकि इसे खून में इंसुलिन की मात्रा कंट्रोल में रहती है। अगर आप धनिया के जूस में हल्दी चूर्ण मिलाकर चेहरे पर लगाते हैं तो इसे मुहांसों की समस्या दूर होती है और ब्लैक हेड्स हटता है। सौंफ, मिश्री व धनिया की समान मात्रा लेकर अगर 6 ग्राम प्रतिदिन भोजन के बाद खाएं तो हाथ पैर की जलन, एसिडिटी, पेशाब में जलन इत्यादि दूर होगी। 

तो देर किस बात की आप अपने किचन गार्डन में, अपनी बालकनी में या अपने छत पर आज ही धनिया लगाएं। 


टमाटर (Tomato)
टमाटर के बारे में भला कौन नहीं जानता है। देश में हर किचन में जो सब्जी बनती है उसमें से टमाटर का प्रयोग होता है। आप बेशक मार्केट से टमाटर लाएं लेकिन जो मजा किचन गार्डन में टमाटर उगाने में है, वह भला और कहां मिल सकता है।  

तो यह जान ले कि आप अपने छत पर या अपनी बालकनी में आसानी से टमाटर उगा सकते हैं। अपने छत पर आपको किस प्रकार टमाटर उगाना चाहिए आप इस लेख में पड़ सकते हैं। खैर टमाटर को सलाद, चटनी आदि में तो आप प्रयोग में करते ही हैं, लेकिन अब यह शायद नहीं जानते होंगे कि अंगूर एवं संतरा जैसे फलों से भी ज्यादा लाभदायक टमाटर होता है। 

आपकी हड्डियों और दातों में अगर कमजोरी है, तो उसे टमाटर के माध्यम से दूर किया जा सकता है। अगर खून की कमी है और उस व्यक्ति को एक गिलास टमाटर का रस पिला दें तो इससे खून की वृद्धि निश्चित तौर पर होगी। अगर किसी का वजन कम है और वह भोजन के साथ पके टमाटर खाता है, तो उसका वजन निश्चित तौर पर बढ़ता है।

यही नहीं लाल टमाटर पर सेंधा नमक एवं अदरक डालकर खाने से अपेंडिक्स, साइटिका में लाभ प्राप्त होता है। काले धब्बों पर आप टमाटर के रस को लगाएं तो काले धब्बे खत्म होने लगते हैं। लाल टमाटर की चटनी में काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर खाने से पेट के कीड़े भी समाप्त होते हैं। 

ऐसे ही बहुत सारे लाभ हैं, लेकिन मुख्य बात यह है कि क्या आप शुद्ध टमाटर अपने किचन गार्डन उगाना चाहते हैं, क्या पीवीसी पाइप में आप टमाटर उगाना चाहते हैं, खासकर आप जब शहरों में रहते हैं तो बिना किसी झमेले के हमारे द्वारा ऑफर किए जाने वाले सलूशन को लेने के लिए आप हमें तत्काल मैसेज करें। 


Web Title: How Kitchen Garden Can Be Your Own 'Clinic'!

दिल्ली के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में अगर आप रहते हैं, तो क्यों न आप अपना किचन-गार्डन बनाएं, एवं घर की सब्जी घर में ही उगाएं.

यह अब वास्तविकता है, और आपको Ready-to-use प्लांट्स मिलते हैं, जिन्हें पानी के अतिरिक्त आपको किसी ख़ास देखरेख की आवश्यकता नहीं होती है. यह भी ख़ास बात है कि एक पॉट की जगह में ही आप 10 से अधिक सब्जियों के पौधे से सब्जियां प्राप्त कर सकते हैं. 

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